🔱 हनुमानजी के श्लोक संग्रह (पूर्ण हिंदी अनुवाद सहित) 🙏
मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
मैं उन हनुमान जी की शरण ग्रहण करता हूँ जो मन के समान अत्यंत तीव्र गति वाले हैं, वायु के समान वेगवान हैं, जिन्होंने अपनी इंद्रियों को पूर्णतः वश में कर लिया है, जो बुद्धिमानों में भी सर्वोच्च माने जाते हैं, जो पवनदेव के पुत्र हैं, वानर सेना के प्रमुख हैं और भगवान श्रीराम के दूत के रूप में कार्य करते हैं।
अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्।
सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
मैं उन पवनपुत्र हनुमान जी को नमस्कार करता हूँ जो अतुलनीय बल के भंडार हैं, जिनका शरीर स्वर्ण पर्वत के समान तेजस्वी और सुंदर है, जो राक्षसों के समूह को अग्नि के समान भस्म कर देने वाले हैं, जो ज्ञानीजनों में सर्वोपरि हैं, जो सभी गुणों के भंडार हैं, वानरों के स्वामी हैं और श्रीराम के अत्यंत प्रिय भक्त हैं।
यत्र यत्र रघुनाथकीर्तनं तत्र तत्र कृतमस्तकाञ्जलिम्।
बाष्पवारिपरिपूर्णलोचनं मारुतिं नमत राक्षसान्तकम्॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
जहाँ-जहाँ भगवान श्रीराम का कीर्तन और गुणगान होता है, वहाँ-वहाँ हनुमान जी सिर झुकाकर, हाथ जोड़कर और अपनी आँखों में प्रेम और भक्ति के आँसुओं से भरे हुए उपस्थित रहते हैं; ऐसे राक्षसों का अंत करने वाले हनुमान जी को नमस्कार करें।
बुद्धिर्बलं यशो धैर्यं निर्भयत्वं अरोगता।
अजाड्यं वाक्पटुत्वं च हनुमत्स्मरणात् भवेत्॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
हनुमान जी का स्मरण करने से मनुष्य को उत्तम बुद्धि, शारीरिक और मानसिक बल, यश और प्रतिष्ठा, कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने की शक्ति, भय का पूर्ण अभाव, स्वस्थ शरीर, आलस्य और मूढ़ता से मुक्ति तथा वाणी में कुशलता और प्रभावशीलता प्राप्त होती है।
आञ्जनेयमतिपाटलाननं काञ्चनाद्रिकमनीयविग्रहम्।
पारिजाततरुमूलवासिनं भावयामि पवमाननन्दनम्॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
मैं अंजनी के पुत्र हनुमान जी का ध्यान करता हूँ जिनका मुख लालिमा से युक्त है, जिनका शरीर स्वर्ण पर्वत के समान अत्यंत सुंदर और आकर्षक है, जो पारिजात वृक्ष के नीचे निवास करते हैं और जो पवनदेव के प्रिय पुत्र हैं।
आञ्जनेयं महावीरं रामदूतं महाबलम्।
अञ्जनीगर्भसम्भूतं वन्दे वानरनायकम्॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
मैं अंजनी के गर्भ से उत्पन्न हुए, महान वीर, अत्यंत बलशाली, भगवान श्रीराम के दूत और वानरों के नेता हनुमान जी को नमस्कार करता हूँ।
रामेष्टं फाल्गुनसखं पिङ्गाक्षं अमितविक्रमम्।
उदधिक्रमणश्रेष्ठं सीताशोकविनाशनम्॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
मैं उन हनुमान जी को नमस्कार करता हूँ जो श्रीराम के अत्यंत प्रिय हैं, अर्जुन (फाल्गुन) के मित्र हैं, जिनकी आँखों में हल्की पीली आभा है, जिनका पराक्रम असीम है, जो समुद्र को लांघने में सर्वश्रेष्ठ हैं और जिन्होंने माता सीता के दुःख का नाश किया।
लक्ष्मणप्राणदातारं दशग्रीवस्य दर्पहा।
विभीषणप्रियकरं हनुमन्तं नमाम्यहम्॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
मैं हनुमान जी को नमस्कार करता हूँ जो लक्ष्मण जी के प्राणों के रक्षक और उन्हें पुनः जीवन देने वाले हैं, जो रावण (दशग्रीव) के अभिमान को चूर्ण करने वाले हैं और जो विभीषण के प्रिय तथा हितकारी हैं।
नादबिन्दुकलातीतं उत्पत्तिस्थितिलयात्मकम्।
साक्षादीश्वररूपं तं हनुमन्तं नमाम्यहम्॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
मैं उन हनुमान जी को प्रणाम करता हूँ जो नाद, बिंदु और कला जैसे सूक्ष्म तत्वों से भी परे हैं, जो इस सृष्टि की उत्पत्ति, पालन और संहार के आधार हैं और जो प्रत्यक्ष रूप से ईश्वर स्वरूप माने जाते हैं।
सर्वदुःखहरं वीरं सर्वसंपत्प्रदायकम्।
भक्तानामभयदातारं हनुमन्तं नमाम्यहम्॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
मैं उन वीर हनुमान जी को नमस्कार करता हूँ जो सभी प्रकार के दुःखों को दूर करने वाले हैं, सभी प्रकार की संपत्ति और सुख प्रदान करने वाले हैं और अपने भक्तों को हर प्रकार के भय से मुक्त करने वाले हैं।
अञ्जनीनन्दनं वीरं जानकीशोकनाशनम्।
कपीशमक्षहन्तारं वन्दे लङ्काभयंकरम्॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
मैं अंजनी के पुत्र, महान वीर हनुमान जी को प्रणाम करता हूँ, जिन्होंने माता सीता के दुःख का नाश किया, जो वानरों के स्वामी हैं, जिन्होंने अक्षयकुमार का वध किया और जो लंका में भय उत्पन्न करने वाले हैं।
उल्लङ्घ्य सिन्धोः सलिलं सलीलं
यः शोकवह्निं जनकात्मजायाः।
आदाय तेनैव ददाह लङ्कां
नमामि तं प्राञ्जलिराञ्जनेयम्॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
मैं उन अंजनीपुत्र हनुमान जी को हाथ जोड़कर प्रणाम करता हूँ जिन्होंने सहज ही समुद्र के जल को लांघ लिया, जनकनन्दिनी सीता के हृदय में जल रहे दुःखरूपी अग्नि को शांत किया और उसी पराक्रम से लंका नगरी को जला दिया।
गोष्पदीकृतवारीशं मशकीकृतराक्षसम्।
रामायणमहामालारत्नं वन्देऽनिलात्मजम्॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
मैं पवनपुत्र हनुमान जी को प्रणाम करता हूँ जिन्होंने विशाल समुद्र को गाय के खुर के समान छोटा बना दिया और राक्षसों को मच्छर के समान तुच्छ कर दिया; जो रामायण रूपी महान माला के श्रेष्ठ रत्न हैं।
हनुमान् रक्षतु मां नित्यं सर्वकर्मसु सर्वदा।
सर्वत्र सर्वकालेषु रामदूत नमोऽस्तु ते॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
हे रामदूत हनुमान जी! आप मुझे सदा, हर कार्य में, हर स्थान पर और हर समय रक्षा प्रदान करें। मैं आपको बार-बार नमस्कार करता हूँ।
कृताञ्जलिर्नमस्यामि मारुतिं भक्तवत्सलम्।
यः स्मृतो हरते दुःखं तं नमामि पुनः पुनः॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
मैं हाथ जोड़कर भक्तों पर स्नेह रखने वाले पवनपुत्र हनुमान जी को नमस्कार करता हूँ, जिनका स्मरण करने मात्र से सभी दुःख दूर हो जाते हैं; ऐसे प्रभु को मैं बार-बार प्रणाम करता हूँ।
वन्दे कपिश्वरं देवं संकटमोचनमव्ययम्।
सीताशोकविनाशाय रामकार्यरतं सदा॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
मैं वानरों के स्वामी, दिव्य स्वरूप, अविनाशी और संकटों को दूर करने वाले हनुमान जी को प्रणाम करता हूँ, जो माता सीता के दुःख का नाश करने के लिए और श्रीराम के कार्यों में सदा लगे रहते हैं।
महाबलं महावीर्यं महाधैर्यं महाबलम्।
हनुमन्तं स्मरेन्नित्यं सर्वसिद्धिप्रदायकम्॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
जो अत्यंत बलशाली, महान पराक्रमी, अद्भुत धैर्यवान और अपार शक्ति से युक्त हैं—ऐसे हनुमान जी का जो मनुष्य नित्य स्मरण करता है, उसे सभी प्रकार की सिद्धियाँ और सफलताएँ प्राप्त होती हैं।
अञ्जनागर्भसंभूतं कुमरं ब्रह्मचारिणम्।
दृष्ट्वा हर्षमवाप्नोति हनुमन्तं नमाम्यहम्॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
मैं उन हनुमान जी को प्रणाम करता हूँ जो अंजनी के गर्भ से उत्पन्न हुए, कुमार (युवा) रूप में स्थित और ब्रह्मचारी हैं; जिनका दर्शन करने से मनुष्य को अत्यंत आनंद और प्रसन्नता प्राप्त होती है।
धन्यः स जीव लोकेऽस्मिन् येन हनुमान् स्मृतः।
तस्य सर्वाणि कार्याणि सिद्ध्यन्ति नात्र संशयः॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
इस संसार में वही मनुष्य धन्य है जिसने हनुमान जी का स्मरण किया है; उसके सभी कार्य निश्चित रूप से सफल होते हैं, इसमें किसी प्रकार का कोई संदेह नहीं है।
हनुमानं नमस्कृत्य दुःखक्षयकरं प्रभुम्।
सुखसंपत्प्रदं देवं वन्देऽहं मारुतात्मजम्॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
मैं पवनपुत्र हनुमान जी को नमस्कार करता हूँ, जो समस्त दुःखों का नाश करने वाले, सुख और समृद्धि प्रदान करने वाले तथा दिव्य स्वरूप वाले प्रभु हैं।
श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये कपीनामग्रगण्यं महाबलम्।
सीताशोकविनाशनं प्रभुं नमामि पवनसुतं हनुमन्तम्॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
मैं श्रीराम के दूत, वानरों में श्रेष्ठ, अत्यंत बलशाली और माता सीता के दुःख का नाश करने वाले पवनपुत्र हनुमान जी की शरण में जाता हूँ और उन्हें प्रणाम करता हूँ।
नमामि भक्तवत्सलं कृपालुशीलकोमलम्।
भजामि ते पदाम्बुजं अकामिनां स्वधामदम्॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
मैं उन हनुमान जी को प्रणाम करता हूँ जो अपने भक्तों से अत्यंत प्रेम करने वाले, दयालु, सरल स्वभाव के और कोमल हृदय वाले हैं। मैं आपके चरणकमलों का भजन करता हूँ, जो बिना किसी स्वार्थ के भक्ति करने वालों को परम धाम प्रदान करते हैं।
अञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि।
तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
हम अंजनी के पुत्र हनुमान जी को जानते हैं, पवनपुत्र का ध्यान करते हैं; वे हनुमान हमारे बुद्धि और विचारों को सही दिशा में प्रेरित करें।
मारुतात्मज नमस्तुभ्यं नमस्ते रघुनन्दन।
नमस्ते सीताशोकघ्न नमस्ते भक्तवत्सल॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
हे पवनपुत्र! आपको नमस्कार है। हे रघुनन्दन के प्रिय! आपको नमस्कार है। हे सीता जी के दुःख को दूर करने वाले और भक्तों से प्रेम करने वाले प्रभु! आपको बार-बार नमस्कार है।
हनुमानञ्जनीसूनुः वायुपुत्रो महाबलः।
रामेष्टः फाल्गुनसखः पिङ्गाक्षोऽमितविक्रमः॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
हनुमान जी अंजनी के पुत्र हैं, पवनदेव के पुत्र हैं, अत्यंत बलशाली हैं, श्रीराम के प्रिय हैं, अर्जुन के मित्र हैं, पीली आभा वाली आँखों वाले हैं और असीम पराक्रम वाले हैं।
उदधिक्रमणश्चैव सीताशोकविनाशनः।
लक्ष्मणप्राणदाता च दशग्रीवस्य दर्पहा॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
वे समुद्र को लांघने वाले हैं, सीता जी के दुःख को दूर करने वाले हैं, लक्ष्मण जी को पुनः जीवन देने वाले हैं और रावण के अभिमान को नष्ट करने वाले हैं।
एवं द्वादश नामानि कपीन्द्रस्य महात्मनः।
स्वापकाले पठेन्नित्यं यात्राकाले विशेषतः॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
इस प्रकार इन बारह नामों वाले महान वानरराज हनुमान जी का जो व्यक्ति सोने से पहले और विशेष रूप से यात्रा के समय नित्य पाठ करता है—
तस्य मृत्युर्भयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत्।
धनधान्यसमृद्धिश्च लभते नात्र संशयः॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
उस व्यक्ति को मृत्यु का भय नहीं रहता, वह हर स्थान पर विजय प्राप्त करता है और उसे धन-धान्य की समृद्धि प्राप्त होती है—इसमें कोई संदेह नहीं है।
बालार्कसदृशाभासं दैत्यदानवदर्पहं।
देवेन्द्रपूजितं देवं हनुमन्तं नमाम्यहम्॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
मैं हनुमान जी को प्रणाम करता हूँ जिनका तेज उगते हुए सूर्य के समान है, जो दैत्यों और दानवों के अभिमान का नाश करने वाले हैं और जिन्हें देवराज इन्द्र भी पूजते हैं।
संकटेषु न कर्तव्यं विलम्बं हनुमत्स्मृतौ।
स्मृतमात्रेण दुःखानि नश्यन्ति नात्र संशयः॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
संकट के समय हनुमान जी का स्मरण करने में कभी विलंब नहीं करना चाहिए, क्योंकि उनके स्मरण मात्र से ही सभी दुःख नष्ट हो जाते हैं—इसमें कोई संदेह नहीं है।
हनुमान् अञ्जनीसूनुः महाबलपराक्रमः।
लोकरक्षक एवायं रामकार्यधुरंधरः॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
हनुमान जी अंजनी के पुत्र हैं, महान बल और पराक्रम से युक्त हैं, वे संसार के रक्षक हैं और श्रीराम के कार्यों को संभालने वाले प्रमुख सेवक हैं।
कपिश्रेष्ठाय वीराय रामदूताय धीमते।
नमस्ते पवनपुत्राय महाबलपराक्रम॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
हे वानरों में श्रेष्ठ, वीर, बुद्धिमान, श्रीराम के दूत और पवनपुत्र! आपको नमस्कार है; आप अत्यंत बलशाली और पराक्रमी हैं।
अतुल्यबलसम्पन्नं हेमवर्णं महाद्युतिम्।
रामदूतं नमस्यामि हनुमन्तं दयालुम्॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
मैं हनुमान जी को प्रणाम करता हूँ जो अतुलनीय बल से युक्त, स्वर्ण के समान वर्ण वाले, अत्यंत तेजस्वी, श्रीराम के दूत और दयालु स्वभाव वाले हैं।
श्रीरामचरणाम्भोजभक्तिं मे देहि मारुते।
दुःखदैन्यभयघ्नं त्वां वन्दे भक्तवत्सलम्॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
हे पवनपुत्र! मुझे श्रीराम के चरणकमलों में भक्ति प्रदान करें। मैं आपको प्रणाम करता हूँ जो दुःख, दीनता और भय का नाश करने वाले तथा भक्तों से प्रेम करने वाले हैं।
नमोऽस्तु ते महावीर नमोऽस्तु ते दयानिधे।
नमोऽस्तु ते रामदूत नमोऽस्तु ते कपिश्वर॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
हे महावीर! आपको नमस्कार है। हे दया के सागर! आपको नमस्कार है। हे श्रीराम के दूत! आपको नमस्कार है और हे वानरों के स्वामी! आपको बार-बार नमस्कार है।
त्वं रक्ष सर्वदा नाथ भक्तानां संकटेषु च।
त्वमेव शरणं नाथ हनुमान् रक्ष माम् सदा॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
हे प्रभु हनुमान! आप सदा अपने भक्तों की संकटों में रक्षा करें। आप ही हमारे एकमात्र आश्रय हैं—हे नाथ! मुझे सदैव सुरक्षित रखें।
जय हनुमान महावीर जय मारुतसुत प्रभो।
जय रामप्रिय भक्तेश जय सीताशोकनाशन॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
हे महावीर हनुमान! आपकी जय हो। हे पवनपुत्र प्रभु! आपकी जय हो। हे श्रीराम के प्रिय भक्तों के स्वामी और सीता जी के दुःख को दूर करने वाले! आपकी जय हो।
दीनबन्धो दयासिन्धो भक्तानुग्रहकारक।
प्रसीद मम नाथ त्वं हनुमान् रक्ष सर्वदा॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
हे दीनों के मित्र, दया के सागर और भक्तों पर कृपा करने वाले प्रभु! मुझ पर प्रसन्न हों और हे हनुमान जी, मेरी सदा रक्षा करें।
रामदूतं नमस्यामि कपिराजं महाबलम्।
सीताशोकविनाशाय लङ्कादाहकरं प्रभुम्॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
मैं श्रीराम के दूत, वानरों के राजा, अत्यंत बलशाली और सीता जी के दुःख को दूर करने वाले, लंका को जलाने वाले प्रभु हनुमान जी को प्रणाम करता हूँ।
अञ्जनीसुतं शूरं जानकीप्रियदर्शनम्।
रामकार्यरतं नित्यं वन्दे वानरनायकम्॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
मैं अंजनी के पुत्र, शूरवीर, सीता जी को प्रिय लगने वाले और सदा श्रीराम के कार्य में लगे रहने वाले वानर-नायक हनुमान जी को प्रणाम करता हूँ।
पवनसुतं महात्मानं रामभक्तं दयालुम्।
भजामि सततं नित्यं हनुमन्तं नमाम्यहम्॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
मैं पवनपुत्र, महान आत्मा, श्रीराम के भक्त और दयालु स्वभाव वाले हनुमान जी का निरंतर भजन करता हूँ और उन्हें प्रणाम करता हूँ।
हनुमानं महावीरं सर्वसिद्धिप्रदायकम्।
स्मरेन्नित्यं प्रयत्नेन सर्वकर्मसु सिद्धिदम्॥
पूरा हिंदी अनुवाद:
जो मनुष्य प्रयासपूर्वक प्रतिदिन महावीर हनुमान जी का स्मरण करता है, उसे सभी कार्यों में सफलता और सिद्धि प्राप्त होती है।🙏
